DESK: झारखंड के एक डीएसपी पर यौन शोषण के आरोप लगे हैं। इसे लेकर राज्य की राज्यपाल, मुख्यमंत्री और राज्य के डीजीपी से शिकायत की गई है। शिकायत हजारीबाग की रहने वाली एक युवती ने की है।
हालांकि डीएसपी अरविंद कुमार पूरे आरोप को सिरे से खारिज कर रहे हैं। उनका कहना है कि युवती अनर्गल आरोप लगाकर ब्लैकमेल कर रही है। उन पर लगाए गए सारे आरोप बेबुनियाद हैं।
पीड़िता ने बताया है कि उसका संपर्क डीएसपी से एक सहेली के माध्यम से हुआ है। वह सहेली डीएसपी की भाभी की बहन है। उसी के द्वारा पीड़िता का परिचय वर्ष 2016 में डीएसपी से हुआ था। इसके बाद दोनों के बीच मोबाइल नंबर का आदान-प्रदान हुआ।
काफी समय तक दोनों की बात हुई। इसी से दोनों की दोस्ती बढ़ती गई। कई बार अलग-अलग पार्क और मंदिरों में दोनों का साथ घूमना-फिरना भी हुआ। पीड़िता संत कोलंबस कॉलेज हजारीबाग में बीएड द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। पढ़ाई के लिए हजारीबाग में किराये के मकान में रहती थी।
डीएसपी अरविंद हमेशा उससे मुलाकात करने के लिए उसके पास किराये के मकान में आया-जाया करते थे। उन्होंने उसके कमरे में आकर वर्ष 2016 से 2017 के दौरान शारीरिक संबंध बनाया। उसी दौरान पीड़िता ने डीएसपी अरविंद से शादी करने के लिए कहा तो उन्होंने साफ इंकार कर दिया। डीएसपी अरविंद ने बताया कि उसकी शादी कहीं और तय हो गई है। लड़की वाले 25 लाख रुपये और चार पहिया गाड़ी उन्हें दे रहे हैं।
पीड़िता का आरोप है कि डीएसपी ने उसे धमकाया भी है। डीएसपी अरविंद की बातें सुनकर पीड़िता डिप्रेशन में आ गई। इसके बाद उसके घर वाले उसे वापस रांची लेकर आ गए। वहां उसे सदर अस्पताल में भर्ती कर 15 दिन रखा गया। इस दौरान डीएसपी अरविंद उससे मुलाकात करने के लिए रांची आए और सांत्वना दिया। उन्होंने कहा कि वह जल्द उससे शादी करेंगे। इसके बाद पीड़िता के माता-पिता ने अरविंद के पिता से संपर्क किया और घटना के बारे में अवगत कराया।
'डीएसपी बनने के बाद मुझे ब्लैकमेल करने के लिए युवती अनर्गल आरोप लगा रही है। युवती द्वारा लगाए गए आरोपों की पुलिस मुख्यालय से लेकर कई आला अधिकारियों ने जांच की है। इसमें सारे आरोप झूठे पाए गए हैं। मुझे बेवजह परेशान करने के लिए युवती गलत आरोप लगा रही है। मुझ पर लगाए गए कोई भी आरोप सच नहीं हैं।'
-अरविंद कुमार, डीएसपी जमशेदपुर।
Input-dainik jagran