SAMASTIPUR : सदर अस्पताल में 102 एंबुलेंस पर कार्यरत कर्मी द्वारा पोस्टमार्टम के लिए पहुंचे मृत व्यक्ति के पॉकेट से रुपये निकालने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उससे स्पष्टीकरण भी किया गया है। इसकी रिपोर्ट एंबुलेंस संचालन एजेंसी ने सिविल सर्जन को दी है।
उपाधीक्षक ने अनुशासनिक कार्रवाई के लिए दी थी रिपोर्ट
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अमरेंद्र नारायण शाही ने 102 एंबुलेंस पर कार्यरत ड्राइवर पर रेफरल ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को छिन्न भिन्न करते हुए राजनीति करने की रिपोर्ट सिविल सर्जन से की। बताया कि अन्य कर्मियों को डरा धमका कर रंगदारी वसूलने का कार्य कर रहा है। बात-बात पर कर्मियों को हड़ताल पर चले जाने के लिए भी उकसाते रहता है। अमानवीय कार्य में भी लिप्त रहता है। 18 दिसंबर को कल्याणपुर से सड़क दुर्घटना में मृत अवस्था में नगीना सहनी को लाया गया था। उसके पॉकेट में एक पर्स था। जिसमें छह हजार रुपया भी था। मृतक के अभिभावक के सामने ही जांच पड़ताल के नाम पर रुपया ले लिया। इसके बाद रुपया लौटाने से इंकार कर दिया।
एएसआई रघुनाथ राय ने इस मामले की जानकारी दी। इसको लेकर मृतक के परिजनों ने हल्ला हंगामा भी मचाना शुरू कर दिया। जिससे शंति व्यवस्था भंग होने की संभावना उत्पन्न हो गई। बाद में काफी समझाने के बाद रुपया मृतक के अभिभावक को लौटाया गया। इसको लेकर डीएस ने प्रशासनिक आधार पर अन्यत्र स्थानांतरण करने को कहा।
Input-dainik jagran