SAMASTIPUR : शहर में गुरुवार को कड़ाके की ठंढ व शीतलहर से जनजीवन ठहर गया । वातावरण में छाये घने कोहरे के कारण आवागमन में लोगो को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा । आसमान से सुबह से ही पानी बरस रहा है। ठंढ का असर कृषि कार्य पर भी देखने को मिला । खलिहान में भी कार्य प्रभवित हुआ। सुबह का तापमान 18.1 डिग्री सेल्सियस रहा।
ठंढ का प्रकोप दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है । सुबह हो या शाम ठंढ के कारण लोगों का हाल बेहाल है । अत्यधिक ठंढ के कारण लोगबाग शाम होते ही घरो में दुबक जाने को विवश हैं । वही वातावरण में छाये कोहरे की स्थिति विषम स्थिति पैदा कर रही है । 9 बजे सुबह तक वातावरण में कोहरे का प्रकोप देखते ही बना । राष्ट्रीय राजमार्ग 28 समेत अन्य मार्गो पर वाहनों की रफ्तार चींटी की चाल बनी रही ।
यात्रा की विवशता को देखते हुए वाहन चालक लाइट जलाकर गन्तव्य को जाते रहे।आम दिनचर्या पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ा है ।खेतो में काम करने वाले मजदूर हो या किसान सभी की स्थिति एक जैसी बनी रही । चाहकर भी वे काम करने में असमर्थ दिखाई दिए ।9 बजे तक भगवान भास्कर कुहासा से घिरे रहे । सूरजदेव के दर्शन नही होने से लोग ठिठुरते नजर आये । शाम होते बाजार ,गली व् मुहल्लों में सन्नाटा पसर जा रहा है।
गरीबो की बढ़ी बेचैनी
ठंढ का प्रकोप बढ़ने से गरीबो की बेचैनी बढ़ गई है । गरम कपडो के आभाव में इनकी हालत खराब हो गई है ।इनकी दुखती रग पर न तो प्रशासन ही ध्यान दे रहा है और न ही सामाजिक संगठन ही कुछ करने को तैयार है । वही नगर प्रशासन अलाव जलाने में अब अपना हाथ खिंचे हुए है।