2020/12/26

समस्तीपुर : पान, तंबाकू, गुटखा आदि के सामूहिक सेवन से फैल सकता है महामारी

SAMASTIPUR : सचेत हो जाएं ! पान, तंबाकू और गुटखा जैसे व्यसन महामारी उत्पन्न करने के सबसे बड़े कारक सिद्ध हो रहे हैं। कोरोना वायरस के इस भीषण प्रकोप में भी आम लोग इन व्यसनों को छोड़ने का नाम नहीं ले रहे। और तो और ग्रामीण से लेकर शहरी इलाके तक के लोगों में तंबाकू बांट कर खाने की आदत है।

पूरे क्षेत्र में सामुदायिक संक्रमण के कारण बन सकते हैं ऐसे व्यसन

ऐसी आदतें आने वाले दिनों में मुश्किलें खड़ी कर सकती हैं। ऐसा करना कोरोना वायरस के सामुदायिक संक्रमण को आमंत्रण देने का प्रमुख कारण बन सकता है। एक ओर दिन-ब-दिन संक्रमण की रफ्तार बढ़ती जा रही है किंतु लोग ऐसी आदतों से बाज नहीं आ रहे। एक व्यक्ति खैनी बनाकर कई लोगों में बांट कर खाते हैं। इन दिनों युवा एक ही सिगरेट कई दोस्त मिलकर पीते हैं। सामूहिक रूप से गांजा पीना भी संक्रमण को बढ़ावा देता है। चिकित्सकों ने ऐसे व्यसनों से परहेज करने की सख्त सलाह दी है।

पटोरी के विभिन्न वित्तीय संस्थानों और सरकारी दफ्तरों के हालात कुछ अजीब हैं। शायद इन लोगों ने महामारी फैलाने की कसम खा रखी है। इसके प्रत्यक्ष प्रमाण इन संस्थानों की सीढ़ी और दीवारों पर थूके गए पान, खैनी और गुटखे की दाग हैं। पटोरी में अवस्थित विभिन्न बैंकों, एलआईसी कार्यालय, रेलवे स्टेशन के आसपास के क्षेत्र के अलावे विभिन्न सरकारी दफ्तरों में स्थिति कुछ ऐसी ही है। यहां आने वाले ग्राहक, एलआईसी के एजेंट तथा कार्यालय में पहुंचने वाले आम लोगों में ऐसी समझ ही नहीं है कि वे इस महामारी का मुख्य कारण बन सकते हैं। बिहार में इस पर प्रतिबंधों का न तो कोई असर है और न ही लोगों में इतनी समझ। और तो और विभिन्न वित्तीय संस्थानों, स्थानीय अधिकारी व सरकारी दफ्तरों के अधिकारी इस पर अंकुश भी नहीं लगा पा रहे हैं। पटोरी स्थित एलआईसी का सेटेलाइट कार्यालय, भारतीय स्टेट बैंक, इंडियन बैंक, यूनियन बैंक, ओरिएंटल बैंक, सेंट्रल बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक, शाहपुर पटोरी रेलवे स्टेशन, प्रखंड व अंचल कार्यालय, अनुमंडल कार्यालय, व्यवहार न्यायालय यहां तक कि पटोरी अनुमंडलीय अस्पताल में भी लोग यत्र तत्र थूकते हैं।

ऐसी आदतों से उत्पन्न होता है एक्यूट रेस्पिरेट्री डिस्ट्रेस सिंड्रोम

पटोरी अनुमंडलीय अस्पताल में पदस्थापित चिकित्सक डॉ. भूषण कुमार बताते हैं कि ऐसे व्यसन न सिर्फ जानलेवा साबित हो सकते हैं बल्कि यह आम लोगों और समुदाय के लिए भी घातक साबित हो सकता है। उन्होंने बताया कि एक और खांसने और छींकने से निकलने वाले ड्रॉपलेट्स के कारण संक्रमण फैलने की बात कही गई है, वहीं पैसे और स्वैप करने के बाद कार्ड के आदान प्रदान भी प्रमुख कारण माने जाते हैं। तंबाकू, पान गुटखा, सिगरेट के सामूहिक सेवन से इसका अत्यधिक खतरा होता है। पहले कोविड- 19 वायरस रेस्पिरेट्री ऑर्गन को संक्रमित करता है। इससे डब्ल्यूबीसी की सक्रियता बढ़ जाती है जिसे साइटोकाइन स्टॉर्म कहा जाता है। यह लिंफोसाइट और न्यूट्रोफिल जैसी प्रतिरक्षा कोशिकाओं को आकर्षित करती हैं। बाद में ये कोशिकाएं फेफड़ों के उत्तक में प्रवेश कर जाती हैं और नुकसान पहुंचाती हैं। साइटोकाइन स्टॉर्म में तेज बुखार होता है। यह स्वस्थ उत्तक को नुकसान पहुंचाते हैं। जिससे फेफड़ा, हर्ट, लीवर, किडनी, इंटेस्टाइन आदि पर बुरा असर डालते हैं। इसमें एक्यूट रेस्पिरेट्री डिस्ट्रेस सिंड्रोम उत्पन्न होता है और मौत भी हो सकती है। अतः ऐसे व्यसनों से दूर रहकर इसके फैलाव को रोका जा सकता है।