3 साल पहले हुई थी शादी
मामले में पीड़िता मजहबी खातून और उसकी मां रविशा खातून ने मोहम्मद मोईन अंसारी और उसके परिवार वालों के खिलाफ शिकायत की है। रविशा खातून का कहना है कि 4 नवंबर 2017 को उसने अपनी बेटी की शादी मोइन अंसारी से की थी। जितना बन सका, उतना रुपया और सामान भी दिया था। लेकिन शादी के कुछ दिन बाद ही उसके पति, ससुर और सास सहित अन्य लोग दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। दहेज की मांग पूरी ना होने पर उसके साथ मारपीट करते थे। मारपीट के दौरान ही उसके गर्भ में पल रहा 3 महीने का बच्चा भी खराब हो गया था।
ससुराल वालों से तंग आकर कई माह पहले बेटी अपने मामा के साथ घर आ गई थी। लेकिन दहेज की मांग लगातार जारी रही। आखिर में दो माह पहले एक दिन फोन पर वीडियो कॉलिंग करते हुए मोइन अंसारी ने मजहबी खातून को तलाक दे दिया।
2 माह से लगा रही थानों के चक्कर
रविशा खातून ने बताया कि वह अपनी बेटी मजहबी खातून के साथ 2 महीने से कहलगांव थाने का चक्कर काट रही है। लेकिन थानेदार सुनते ही नहीं हैं। अंत में थक-हारकर दोनों मां-बेटी ने DIG के पास गुहार लगाई है।DIG सुजीत कुमार ने पीड़िता के बयान को सुनकर भागलपुर SSP आशीष भारती को जांच का निर्देश दिया है। रविशा खातून के अनुसार दोनों अधिकारियों की ओर से उसे उचित कार्रवाई का भरोसा मिला है।