BIHAR-SAMASTIPUR-कोरोना संक्रमण काल के इस मुश्किल वक्त में जब रोजी-रोजगार को लेकर दिक्कत है तो ऐसे में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना महिलाओं के हितकर साबित हो रही है। संस्थागत प्रसव में इजाफा एवं गर्भवती महिलाओं को विशेष सुविधा मुहैया कराने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना क्रियाशील है।
क्या है प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना
पहली बार गर्भवती होने वाली महिला व प्रसव बाद जच्चा-बच्चा के बेहतर स्वास्थ्य के लिए केंद्र सरकार द्वारा जनवरी 2017 को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की शुरुआत की गयी थी। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को पोषण के लिए 5000 रुपये का लाभ तीन किश्तों में दिया जाता है।
पंजीकरण कराने के साथ गर्भवती को पहली किश्त के रूप में 1000 रुपये दिए जाते हैं। प्रसव पूर्व कम से कम एक जांच होने पर गर्भावस्था के छह माह बाद दूसरी किश्त के रूप में 2000 रुपये और बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने और बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण पूर्ण होने पर तीसरी किश्त में 2000 रुपये दिए जाते हैं।
लाभ पाने के लिए महिला की उम्र 19 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। महिला सरकारी कर्मचारी नहीं होनी चाहिए। सभी भुगतान गर्भवती के बैंक खाते में किये जाते हैं जिसका आधार से लिंक होना जरूरी है।