वैसे पीएम मोदी पर यह आरोप हमेशा से लगते आ रहा है कि वे जनता को अपने पक्ष में करने के लिए भावनात्मक मुद्दों काे उठाते हैं।
पीएम की सभा पर नजर बनाए हुए प्रेक्षक शहीद अमन व जननायक को याद करने के पीछे यही रणनीति मान रहे हैं। अभी भारत और चीन के बीच जारी विवाद के मध्य गलवान घाटी में हुए संघर्ष में बिहार रेजीमेंट के जिन जवानों ने अपनी शहादत दी थी उनमें एक समस्तीपुर के सपूत अमन कुमार भी थे।
चुनाव प्रचार के मंच से उनको याद करने को कुछ लोग सकारात्मक भी मान रहे हैं। वैसे पीएम के संबोधन की यह विशेषता रही है कि वे जहां कहीं भी जाते हैं तो वे वहां के स्थानीय हीरो को जरूर याद करते हैं।
कहा जा रहा कि शहीद अमन को याद करना इसी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। पीएम समस्तीपुर अपने निर्धारित समय से कुछ विलंब से ही यहां पहुंचे।
उनके साथ आज सीएम नीतीश कुमार भी थे। मंच पर विधानसभा अध्यक्ष सह सरायरंजन से जदयू के प्रत्याशी विजय कुमार चौधरी सहित अन्य एनडीए नेता थे।