कार्ययोजना बना कर रहीं लोगों को जागरूक
आशा फैसिलिटेटर रेखा कुमारी ने बताया कि कोरोना संक्रमण के दौरान क्षेत्र में लोगों के बीच जाने के बाद देखा कि लोग मास्क का उपयोग तो कर रहे हैं लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। आशा फैसिलिटेटर होने के नाते उनके पास 22 आशा के क्षेत्र की जिम्मेदारी है।
जिसकी आबादी लगभग 25000 है। इतनी आबादी में एक दिन काम करने से लोगों मे जागरूकता नहीं आती। उन्होंने अपनी सभी आशाओं के साथ बैठक कर एक कार्य योजना बनाई कि क्षेत्र में लोगों के बीच किस तरह कोरोना काल में अपनी सुरक्षा का खयाल रखते हुए लोगों के बीच काम कर उन्हें जागरूक करना है। वे फिर कार्य योजना के मुताबिक निकल पड़ीं लोगों को समझाने कि गांव में सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखें और नियमित हाथों को साबुन से धोएं।
हालांकि इसकी जानकारी देने के दौरान क्षेत्र में ऐसे लोग भी मिले जो कोरोना संक्रमण को गंभीरता से नहीं लेते। लेकिन उन्हें कोरोना संक्रमण के बारे में विस्तार से जानकारी देकर कोरोना संक्रमण से खुद भी बचने और अपने परिवार को बचाने की सलाह देने लगी। अब जब लोगों को उनकी बातें समझ में आने लगी तब गाँव के लोग इसे गंभीरता से लेने लगे और संक्रमण के बचाव के नियमों का पालन करने लगे हैं।
लोगों की नाराज़गी भी झेलनी पड़ी लेकिन यह इतना आसान नहीं था रेखा जी के लिए ।
कई बार लोगों की सख्त नाराजगी भी झेलनी पड़ी थी। मगर उनकी नाराजगी से स्वास्थ्य सेवा से जुड़े कामों के प्रति और अधिक कर्तव्य का एहसास होना लगा। यही कारण है कि अब पहले से अधिक मजबूती के साथ वे काम कर रही हैं । जिसका फल ये मिला कि वर्तमान समय में उनके क्षेत्र में कोविड-19 का एक भी मरीज नहीं है। अब क्षेत्र के लोग कोविड-19 नियमों का पूरी तरह से पालन कर रहे हैं। और कोरोना संक्रमण से मुक्त, अपने घरों में अपने बच्चों के साथ खुश हैं।
क्या कहते है गाँव के लोग :
गाँव सोनबरसा राज वार्ड नंबर-6 के रहने वाले समाज सेवी जितेन्द्र सिंह ने बताया कि आशा रेखा कुमारी के काम करने के तरीके, मेहनत और लगन को देखते हुए हमें इन पर नाज है। इनके द्वारा कोरोना संक्रमण से पहले भी बहुत अच्छा काम किया जा रहा था। आशा फैसिलिटेटर बनने के बाद भी इनकी मेहनत पहले से कम नहीं हुई है बल्कि और ज्यादा अधिक हो गई है।
गांव का हर व्यक्ति इनके कामों की तारीफ करता है। कोरोना संक्रमण के दौरान घर - घर जाकर लोगों को दो गज दूरी का ख्याल रखने , नियमित हाथों को साबुन से धोने और अन्य स्वास्थ्य संबंधित जानकारियां और सलाह देती रही हैं । रेखा कुमारी अपने क्षेत्र का भ्रमण करके लोगों को अभी भी स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में अन्य सलाह देती रहती हैं । आशा फैसिलिटेटर के रूप में अपने काम को अच्छी तरह बखूबी कर रही हैं ।
क्या कहते हैं अधिकारी :
डीसीएम राहुल किशोर ने बताया कि आशा फैसिलिटेटर रेखा कुमारी कोरोना काल में अपने पूरे क्षेत्र के लोगों को कोरोना से बचाव के नियमों, साफ-सफाई, मास्क का उपयोग तथा दो गज की दूरी रखने की बातों को प्रत्येक दिन घर-घर जाकर समझाती थीं । साथ ही होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों को सभी चिकित्सीय सुविधा के बारे में जानकारियां भी देती थीं ।
डीसीएम राहुल किशोर ने बताया कि 14 वर्ष तक आशा के रूप में काम किया तथा अब 6 वर्ष से आशा फैसिलिटेटर हैं। आशा फैसिलिटेटर के अपने काम इतनी ऊर्जा से करते हुए और अन्य सभी आशा को बेहतर तरीके से काम करने की प्रेरणा तथा जानकारी देती हैं। इनकी मेहनत के कारण आशा से आशा फैसिलिटेटर बनाया गया था। अब आशा फैसिलिटेटर की जिम्मेदारी को इन्होंने बखूबी निभाया और जिले मे अच्छी आशा फैसिलिटेटर तथा कोरोना योद्धा के रूप मे अपने क्षेत्र में काम किया है।
कोरोना काल में इन उचित व्यवहारों का करें पालन
- एल्कोहल आधारित सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
- सार्वजनिक जगहों पर हमेशा फेस कवर या मास्क पहनें।
- अपने हाथ को साबुन व पानी से लगातार धोएं।
- आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें।
- छींकते या खांसते वक्त मुंह को रूमाल से ढकें।