विधानसभा चुनाव से पहले गुप्तेश्वर ने वीआरएस लिया था और जदयू में शामिल हुए थे। चर्चा थी कि गुप्तेश्वर को जदयू बक्सर विधानसभा क्षेत्र या वाल्मीकिनगर लोकसभा क्षेत्र से टिकट दे सकता है।
बक्सर सीट भाजपा के खाते में चली गई। वहीं, वाल्मीकिनगर से जदयू ने सुनील कुमार को टिकट दे दिया। गुप्तेश्वर जदयू के सिंबल का इंतजार करते रह गए। सभी सीटों की घोषणा हो गई तो उन्होंने कहा कि इस बार विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ रहा हूं।
टिकट न मिलने पर गुप्तेश्वर पांडेय ने फेसबुक पर लिखा कि इस बार मैं चुनाव नहीं लड़ रहा हूं। उन्होंने लिखा कि अपने शुभचिंतकों के फोन से परेशान हूं। मैं उनकी चिंता और परेशानी भी समझता हूं। मेरे सेवामुक्त होने के बाद सबको उम्मीद थी कि चुनाव लड़ूंगा, लेकिन मैं इस बार विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ रहा।
हताश व निराश होने की कोई बात नहीं है। धीरज रखें। मेरा जीवन संघर्ष में ही बीता है। मैं जीवन भर जनता की सेवा में रहूंगा। कृपया धीरज रखें और मुझे फोन नहीं करें। बिहार की जनता को मेरा जीवन समर्पित है।
अपनी जन्मभूमि बक्सर की धरती और वहां के सभी जाति मजहब के सभी बड़े-छोटे भाई-बहनों, माताओं और नौजवानों को मेरा पैर छू कर प्रणाम! अपना प्यार और आशीर्वाद बनाए रखें।