अधिकारियों के मुताबिक, मदुरै में एक 19 साल की युवती ने फांसी लगाकर जान दे दी, वहीं पीटीआई ने बताया कि, धर्मपुरी और नामक्कल जिलों में 19 से 21 साल की उम्र के दो पुरुष अभ्यर्थियों ने कथित तौर पर खुदकुशी कर ली.
मदुरै मामले को देख रहे पुलिस अधिकारी के बताया कि NEET परीक्षा में एम जोथिस्री दुर्गा दूसरी बार हिस्सा ले रही थी. इसके लिए वह लगातार कोचिंग क्लासेस भी ले रही थी.
अधिकारी ने बताया कि फांसी लगाने से पहले युवती ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है , जिसमें कहा गया कि वह परीक्षा को लेकर बहुत परेशान थी, उसे डर था कि अगर उसे मेडिकल सीट नहीं मिली तो उसका परिवार बहुत निराश होगा. इसके साथ ही युवती ने अपने पिता को एक वॉयस नोट भी भेजा.
वहीं तमिलनाडु के धर्मपुरी जिले के एम अदित्य और नामक्कल में 21 साल के मोतीलाल ने भी फांसी लगाकर जान दे दी. आदित्य पहली बार neet exam में फेल हो गया था,
और दूसरी बार परीक्षा देने जा रहा था, वहीं मोतीलाल की यह तीसरी कशिश थी. बतादें कि तमिलनाडु सालों से केंद्र से नीट( NEET)परीक्षा खत्म करने की मांग कर रहा है. लेकिन केंद्र साफ तौर पर कह चुका है कि एक राज्य को छूट देना संभव नहीं है.
बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने नीट (NEET) को रद्द करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया था.
न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा था कि अधिकारी नीट (NEET) परीक्षा आयोजित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे,
छात्रों की आत्महत्या की घटना सामने आने के बाद राज्य के उप मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने ट्वीट कर दुख जाहिर किया और लिखा कि छात्रों को हिम्मत के साथ किसी भी स्थिति का सामना करना सीखना चाहिए और माता-पिता को इसमें उनकी सहायता करनी चाहिए.
वहीं विपक्ष के नेता और डीएमके प्रमुख स्टालिन ने छात्रों की मौत पर दुख जाहिर किया और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नीट छात्रों को बुरी तरह प्रभावित कर रही है.
यह कोई परीक्षा नहीं है. DMK यूथ विंग के सचिव और स्टालिन के बेटे उधयनिधि ने पीड़ित परिवार का दौरा किया और 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी.
छात्रों की आत्महत्या की खबरों के बाद शनिवार को पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र युवाओं के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रही है.यूटी के लोग बीजेपी को आगामी विधानसभा चुनावों में सबक सिखाएंगे.
Input-bharatwash