हालांकि अभी तक उन्होंने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। गुप्तेश्वर पांडेय शनिवार को अचानक जदयू के प्रदेश कार्यालय पहुंचे। उस वक्त बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी जदयू कार्यालय में ही मौजूद थे।
डीजीपी के पद से वीआरएस लेने के बाद गुप्तेश्वर पांडेय पहली बार किसी राजनीतिक दल के दफ्तर पहुंचे थे।
उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात की और थोड़ी देर बाद बाहर निकले। पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री से उनकी कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई है। मैंने उनके साथ लंबे समय तक काम किया है।
रिटायरमेंट के बाद उन्हें इस बात के लिए धन्यवाद देने आया था कि उन्होंने मुझे सपोर्ट किया। चुनाव से जुड़े सवाल पर गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि सही समय पर फैसला करूंगा।
पहले राजनीति में आऊंगा उसके बाद ही यह बताऊंगा न कि कहां से चुनाव लड़ूंगा। उन्होंने कहा कि नीतीश मेरे गार्जियन हैं। जो कहेंगे मैं करूंगा।