लखनऊ, अमेठी, बरेली और प्रयागराज में सरकार के इस प्रस्तावित नियम के खिलाफ छात्र और युवा सड़कों पर उतर आए। प्रयागराज में इस दौरान पत्थरबाजी की घटना भी हुई।
छात्रों को काबू में करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और कुछ युवाओं को हिरासत में भी लिया गया।
बीजेपी और उसके सहयोगी दल आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 70वें जन्मदिवस को जनसेवा सप्ताह के रूप में मना रहे हैं। वहीं कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने बेरोजगारी को अपना मुद्दा बनाया है।
जानकारी के मुताबिक, छात्र और युवक सरकारी नौकरियों में संविदा पर रखने के प्रस्ताव का विरोध करने के लिए प्रयागराज में इकट्ठा हुए थे। पुलिस ने छात्रों को हटाने के लिए बल का प्रयोग किया, जिसके बाद छात्र उग्र हो गए।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ियों पर पथराव शुरू कर दिया। कई वाहनों में तोड़फोड़ की सूचना भी है।
वहीं कांग्रेस नेताओं ने बताया कि लखनऊ में पार्टी के युवा साथियों पर बेरोजगारी दिवस मनाने के चलते पुलिस ने लाठीचार्ज किया और कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। पार्टी का आरोप है कि यह सरकार युवाओं की बात नहीं सुनना चाहती है
छात्रों के इस प्रदर्शन का कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दल समर्थन कर रहे हैं। कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया, '5 साल संविदा कानून एक काला कानून है।
युवाओं की भर्तियों पर ताला लगाना अन्याय है। इस अन्याय के खिलाफ युवा अपना हक मांगने के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं तो उनकी बात सुननी चाहिए। आपकी लाठी इस युवा ललकार को दबा नहीं सकती।'
कांग्रेस की तरफ से जारी एक बयान के मुताबिक, प्रियंका गांधी ने रोजगार के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश के कई युवाओं के साथ डिजिटल संवाद किया और कहा कि उनके लिए रोजगार राजनीति का नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना का विषय है।
हम युवाओं के लिए आवाज उठाने में वह कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में संविदा नीति के खिलाफ सड़क पर उतरकर आवाज उठाई जाएगी।