मंगलवार देर रात चिराग ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की थी और 143 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की जिद छोड़ दी थी। दोनों के बीच इस बात पर सहमति बनी थी कि एनडीए में साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे।
इसके बाद बुधवार को दिल्ली में लोजपा के सांसदों और पूर्व सांसदों की बैठक हुई और इसमें एक बार फिर 143 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात दोहराई गई। पार्टी ने चिराग को सभी फैसले लेने के लिए अधिकृत कर दिया।
लोजपा की बैठक में पार्टी नेताओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कामों का जमकर विरोध किया। बैठक में बाढ़, कोरोना और पलायन को लेकर चर्चा हुई जिसमें नेताओं ने नीतीश की आलोचना की। पिछले दिनों जदयू सांसद ललन सिंह ने कहा था कि हमारा गठबंधन भाजपा के साथ है, लोजपा के साथ नहीं। पार्टी ने इसका समर्थन किया। लोजपा का कहना है कि हमारा भी गठबंधन भाजपा के साथ है, जदयू के साथ नहीं।
बैठक में पार्टी नेताओं ने चिराग को ही सारे फैसले लेने के लिए अधिकृत कर दिया। गठबंधन को लेकर चिराग ही सारे फैसले लेंगे। 143 सीटों पर प्रत्याशियों की सूची बनाकर जल्द केंद्रीय संसदीय बोर्ड की दी जाएगी। बैठक में फैसला लिया गया कि जल्द ही बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट विजन डॉक्यूमेंट की बैठक होगी और उसके बाद केंद्रीय संसदीय बोर्ड की बैठक। इसी बैठक में आखिरी फैसला लिया जाएगा।