BIHAR-SAHARSA-आज पूरी दुनिया कोरोना की त्रासदी झेल रही है। अधिकारी, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी से लेकर जनप्रतिनिधि अपना योगदान दे रहे हैं। इसी बीच जिले के जिलाधिकारी कौशल कुमार कोरोना जंग में अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं।
संक्रमण से सहरसा को बचाने के उपाय हों या फिर इस दौरान घरों में बंद लोगों तक उनकी आवश्यकताओं का सामान उपलब्ध करवाना। वह पूरी निष्ठा के साथ इस कार्य में लगे हैं। यहां तक कि ऑफिस के साथ घर पर भी उनका समय इस सब को लेकर तैयारी और व्यवस्था बनाने में ही बीतता है।
सहरसा मे आये हुए लगभग 6 माह ही हुआ है लेकिन जिलाधिकारी कौशल कुमार ने इस दौरान अपनी अलग पहचान लोगों के बीच बनाई है साथ ही सुबह हो या फिर देर रात, एक छोटी सी कॉल पर भी उनका त्वरित रिस्पॉन्स रहता है।
इन तैयारियों का ही का ही परिणाम है कि सहरसा में अब तक स्थिति नियंत्रण में है। कुछ पॉजिटिव मामले सामने भी आए तो हिम्मत नहीं हारी, बल्कि स्थिति बेकाबू न हो इस के लिए दिन-रात एक कर दिया।
जिले का करते हैं नियमित तौर पर भ्रमण: जिलाधिकारी कौशल कुमार लॉकडाउन के दौरान जिले का दौरा कर अधिकारियों से फीडबैक लेने के साथ, समय - समय पर आइसोलेशन वार्ड, जिला अस्पताल, प्रखंड अस्पताल का निरीक्षण कर स्वास्थ्यकर्मियों का हौसला भी बढाते हैं तथा उचित दिशा निर्देश सबंधित अधिकारियों के देते है। साथ ही लोगों की सुविधा के लिए कंट्रोल रूम की व्यवस्था से लेकर यहां तक कि सरकारी योजनाओं सहित हेल्थ विभाग के कामों पर भी खुद निगरानी करते है।
कोरोना से बचाव के लिए सोशल मीडिया के जरिये लोगों को दे रहे संदेश-इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी वह सक्रिय हैं। जिलाधिकारी कौशन कुमार सोशल मीडिया के द्वारा लोगों भी संदेश देते रहते हैं कि कोरोना से बचाव का एकमात्र उपाय सोशल डिस्टेंसिंग है।
अर्थात सभी लोग बाहर के लोगों से दूरी बनाकर रहे, अपने घरों में रहे, जब तक कोई विशेष परिस्थिति उत्पन्न न हो, घर से बाहर न निकलें एवं अन्य लोंगों को घर में रहने को प्रेरित करें।
पूरे विश्व स्तर पर कोरोना एक महामारी के रूप में लगातार फैल रहा है और इसमें आपका घरों में रहना ही एकमात्र बचाव है। इसलिए अपने तथा अपने परिवार की सुरक्षा के लिए जिला के सभी लोग अपने घरों में रहें। इसके अलावा मास्क का उपयोग, हाथों की नियमित रूप से धुलाई करें।
भेदभाव नहीं करें, भ्रांतियों से बचें-डीएम कौशल कुमार सोशल मीडिया के जरिये लोगों को भेदभाव तथा भ्रांतियों से बचने के भी संदेश देते रहते हैं।
वह बताते हैं कि कोरोना संक्रमण काल में कोई भी संक्रमित हो सकता है। इसलिए संक्रमित लोगों के प्रति अपनी सोच में बदलाव लायें। कोरोना से लड़ रहे व्यक्ति, स्वास्थ्य कर्मी या पुलिस किसी से भी मानसिक दूरी न बनायें।
उनके प्रति नकारत्मक सोच नहीं रखें। कोरोना को हरा कर जंग जीतने वाले लोगों से किसी भी तरह से घबराने की कोई जरूरत नहीं है। संक्रमण ठीक होने के बाद उनके संपर्क में आने पर आप संक्रमित नहीं हो सकते। वैसे ही कोरोना योद्धाओं का सम्मान करें जो अपनी जान की परवाह किये लोगों की सेवा करने में दिन-रात जुटे हैं।
साथ ही सोशल मीडिया पर कोरोना को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों से दूरी बनाकर रखें। ऐसी जानकारियों को सच नहीं माने जिसकी पुष्टि किसी विश्वसनीय स्रोत से नहीं की गयी हो।